|| শাম্ভবী সংখ্যা ২০২১ || T3 শারদ সংখ্যায় Twinkle Johar

कोलकाता की दूर्गा पूजा
कोलकाता से दूर्गा पूजा है और दूर्गा पूजा से कोलकाता,
ये बात तब पता चली जब मैने 2 साल पहले सिटी ऑफ जॉय में कदम रखा।
नए कपड़े खरीदना, आउटिंग्स प्लान करना तो स्पेशल था ही,
पर सबसे स्पेशल था, इन सब में एक साथ खुश रहना।
साल का सबसे बड़ा फेस्टिवल लगता,
कोलकाता से दूर्गा पूजा और दूर्गा पूजा से कोलकाता।
नवरात्रि शुरू होती नहीं, की हम सप्तमी के प्लांस बनाने लगते हैं।
इंडियन पहने या वेस्टर्न, ऐसे कई सवाल सबसे कठिन लगते हैं।
मेकअप लाइट हो या बस लाइनर से काम चलाया हो,
पर स्माइल सबके चेहरे पे एक बराबर की होती है।
कॉलेज और स्कूल के प्रोग्राम में कोई डांस परफॉर्मेंस दिखाता तो कोई संगीत गाता,
कोलकाता से दूर्गा पूजा और दूर्गा पूजा से कोलकाता।
कोविड ने चीज़ें मुश्किल तो कर दी,
पर वो एनर्जी जो दूर्गा पूजा में आती है,
वो कम हुई किसी भी घर की?
यही तो बात है इस शहर में,
खुशी की वजह ढूंढनी ही नहीं पड़ती,
हर फेस्टिवल और हर फैमिली अपनी सी लगती,
कोविड ने हमारे कुछ महीने छीन तो लिए,
पर द सिटी ऑफ जॉय ने जॉय के ढेर सारे रीजंस भी तो दिए।
बस I can’t wait to get back in the city again,
And shout out loud,
Kolkata, I love you to the moon and back,
And I’m ready to make the best moments out of the time I still have.